विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने ट्विटर पर अपने एक संदेश में लिखा है कि पिछले वर्ष, बैतुलमुक़द्दस के बारे में ट्रम्प के रुख के बाद सीरिया की गोलान हाइट्स के बारे में उनका फैसला, अरबों और मुसलमानों के लिए एक चेतावनी है।
ज़रीफ ने इसी प्रकार एकता का आहवान किया है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अंतराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का खुला उल्लंघन करते हुए एक एेसे आदेश पर हस्ताक्षर किये हैं जिनके अंतर्गत वाशिंग्ट्न ने सीरिया की अवैध अधिकृत गोलान हाइट्स पर इस्राईल के अधिकार को मान्यता दे दी है।
ट्रम्प के इस क़दम की विश्व स्तर पर आलोचना हो रही है।
इस्राईल ने सन 1967 में गोलान पहाड़ियों में सीरिया के लगभग 1200 वर्गकिलोमीटर के क्षेत्र पर क़ब्ज़ा कर लिया था और बाद में उसे अवैध अधिकृत फिलिस्तीन से मिला लिया।
विश्व समुदाय ने अभी तक इसे मान्यता नहीं दी है और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में इसे अवैध अधिकृत क्षेत्र कहा गया है और इस्राईल से यह इलाक़ा खाली करने की मांग की गयी है।